महाराष्ट्र: नंदुरबार में 51 नाबालिगों के यौन शोषण का सनसनीखेज मामला, 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार; मोबाइल से मिले 600 से ज्यादा अश्लील वीडियो
महाराष्ट्र: नंदुरबार में 51 नाबालिगों के यौन शोषण का सनसनीखेज मामला, 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार; मोबाइल से मिले 600 से ज्यादा अश्लील वीडियो
नंदुरबार/मुंबई: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से एक बेहद घिनौना और दहला देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोप में 22 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी के मोबाइल फोन से 600 से अधिक अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिसके बाद पुलिस ने अब तक 51 नाबालिग पीड़ितों की जानकारी सामने आने की पुष्टि की है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, नंदुरबार शहर के रायसिंहपुरा इलाके में रहने वाले चेतन प्रकाश कोली (22 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह पिछले कुछ सालों से नाबालिग बच्चों और कुछ युवाओं को अपना शिकार बना रहा था।

पैसे का लालच और ब्लैकमेलिंग: आरोपी बच्चों को पहले पैसे का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उनके आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बना लेता था।
सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी: उन्हीं वीडियो के जरिए आरोपी पीड़ितों को ब्लैकमेल करता था और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार उनका यौन शोषण करता था।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और खुलासे
नंदुरबार की पुलिस अधीक्षक अश्विनी सनप के मुताबिक, पुलिस को इस घिनौने कृत्य की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चेतन कोली को हिरासत में लिया गया। शुरुआती पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

मोबाइल से मिला आपत्तिजनक डेटा: पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मोबाइल की शुरुआती जांच में 600 से ज्यादा अश्लील वीडियो और तस्वीरें मिली हैं।
पीड़ितों की संख्या बढ़ने की आशंका: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 51 नाबालिग पीड़ितों की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस काले कारोबार में और कौन-कौन शामिल था या कितने और बच्चे इसका शिकार हुए हैं।
पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
नेताओं ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवसेना विधायक नीलमताई गोऱ्हे ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस मामले की जांच केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होना चाहिए। साथ ही, पीड़ित बच्चे नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान, स्कूल या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
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